किसानों को सुविधाएं
फसल कटाई में लगे मजदूरों एवं हार्वेस्टर्स को आवश्यक सुविधा प्रदान की जाये ताकि फसल कटाई प्रभावित ना हों। हार्वेस्टर्स कभी भी न रोके जाये।
किसानों को मंडी में एस.एम.एस. से बुलाने एवं उपार्जन केंद्रों की स्थापना तथा मंडियों की व्यवस्था ऐसी हो जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग मापदंडों का कड़ाई से पालन हो। इस संबंध में आपसे पृथक से चर्चा की जावेगी।
वे जिले, जहां रेल्वे के रेक पाईट है, वहाँ कार्य कर रहे हम्मालों एवं मजदूरों की भी मेडिकल स्क्रीनिंग करा ली जाये। यह सुनिश्चित करें कि रैक समय पर खाली हो ताकि प्रदेश में खाद, बीज, यूरिया आदि की कमी ना हो।
प्रदेश के प्राइवेट अस्पतालों एवं नर्सिंग होम्स को भी कोरोना के विरूद्ध लड़ाई के अभियान में जोड़ा जाये।
विदेश से आने वाले एवं अन्य राज्यों से यात्रा कर आये नागरिकों/यात्रियों की शत प्रतिशत पहचान एवं स्क्रीनिंग की जाये।
मेडिकल मोबाइल यूनिट, रैपिड रिस्पाँस टीम को पूरी तरह तैयार एवं सक्रिया रखा जाये।
पेयजल एवं बिजली की आपूर्ति अबाधित रखी जावे।
आइसोलेशन वार्ड एवं आइसोलेशन सेंटर की पर्याप्त व्यवस्था की जावे।
जिला कलेक्टरों को कोरोना की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने की पूरी छूट होगी। वे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार तत्काल उचित निर्णय लें। राज्य सरकार उन्हें हर प्रकार की सहायता उपलब्ध करायेगी।